Arzi Gyaras Ki
Bhajan

Arzi Gyaras Ki

Navin Joshi

Arzi Gyaras Ki Lyrics

Synced

ग्यारस अर्जी लगा करके

मैंने जो मांगा मिल गया

किस्मत का ताला खुल गया

तर्ज – धीरे धीरे बोल कोई

बारह महीने मौज उड़ाता हूँ

श्याम धणी का दिया ही खाता हूँ

इनसे बड़ा ना कोई है दातार

सारे जग को यही बताता हूँ

यही साथी है यही माझी है

जो इसका प्रेमी बन गया

किस्मत का ताला खुल गया

श्याम के दर पर जा करके

ग्यारस अर्जी लगा करके

हरपल मुझको अब ऐसा लगता

उंगली पकड़ ये संग मेरे चलता

इसकी दया का हाथ जो सर पर है

तूफानों से मैं हूँ नहीं डरता

ये साथ है विश्वास है

मुझे श्याम सहारा मिल गया

दो दिन की तेरी जिंदगानी है

यह दुनिया तो आनी जानी है

‘नमन’ करो तुम श्याम के चरणों में

इनसे बड़ा ना कोई दानी है

ये जान लो ये मान लो

जो सांवरिये का हो गया

श्याम के दर पे जाकर के, ग्यारस अर्जी लगा करके

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About this Bhajan

“Arzi Gyaras Ki” is a devotional bhajan sung by Navin Joshi from the Shyam baba collection on Bhajan Sarovar. Listen online free on this page, or open the Bhajan Sarovar app to play it ad-free with the full devotional collection, playlists and more.

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