Dadi Itno Laad Kare
Vikas Sharma
Dadi Itno Laad Kare
Vikas Sharma
Dadi Itno Laad Kare Lyrics
दादी इतनों लाड करे
झुंझुनू आवां तो लागे, आग्या म्हें तो पीर
घर में दादी थारी चरचा, सगळां ही देखे निस दिन परचा
सासरियो भी म्हारो थारी, जय जय कार करे
झुंझुनू आवन ने सगळां पल में हामी भरें
जठे जठे म्हें पाँव धरां, माँ अपणू हाथ धरे
निस दिन की चिंता में फँस कर
उलझ्याँ रहवाँ दादी, कैसो है चक्कर
सुबह शाम म्हे बैठ के दादी, करां थारां गुणगान
मंगला आरती पर दिन उगे, शयन आरती पर दिन डूबे
फेर दुबारा आवण का दिन, थक ज्यावां गिण गिण
मावस के दिन धोक लगाकर, बोला दादी म्हाने विदा कर
घड़ी विदाई की जद आवे, झर झर बरसे नीर
कहवे विकास की दादी बोले, आती रहीजे पीर
मन के उन सुन्दर पापों को रक्त करता है जब वो अपनी
रे सारी रे
सारे मामा काटे रेगर सारे सारे सारे
थारो म्हारों मावड़ी, कोई भोत बहुत पुराणों सीर
सासरिये में काम घनेरा, उरे करां आराम
बेरों कोनी चाले, बीते बेगा बेगा दिन
Play this bhajan and the words will follow along, line by line.
About this Bhajan
“Dadi Itno Laad Kare” is a devotional bhajan sung by Vikas Sharma from the Rani Sati Dadi collection on Bhajan Sarovar. Listen online free on this page, or open the Bhajan Sarovar app to play it ad-free with the full devotional collection, playlists and more.
