Dadi Ji Aaya Saran
Bhajan

Dadi Ji Aaya Saran

Pushpa Banerjee

Dadi Ji Aaya Saran Lyrics

Synced

भोग लगावाँ थारै भर भर थाली रे

दादी जी आया शरण म्हे तो आज रे

तो आज रे की मारे सिर पे दर दियो आज यो धरो

के म्हारे सिर पे धरदेयो, आज ये थारो हाथ मावड़ी

आज को आज को की

दादी जी सेवक जोवे थारी बाट रे

म्हारे आँगन आवो स्वागत करस्या आज दादी जी

आया शरण म्हे तो आज रे

दादी जी हिवड़े में बस गयो थारो रूप रे

की म्हारी आख्या तरसे दर्शन देदो आज दादी जी

आया शरण में तो आज रे

दादी जी टाबर हा थारा माहने ज्ञान दो

के भूले भटकेराने राह देखाओ आज दादी जी

के भूले भटकेराने राह देखा दो आज दादीजी

दादी जी संतोष पुकारे कर जोड़के ,

अटकी नईया ने थे पार लगादो आज दादी जी

आया शरण म्हे तो आज रे

दादीजी आया शरण में तो आज रे

पे दर जो आज यो थारो हाथ दया दीजी

तो आज रे

म्हारे सिर पे धर ड्यो आज यो थारो हाथ दादीजी

आया शरण म्हे तो आज रे

ग्यारस अर्जी लगा करके

म्हारे सिर पे धर ड्यो आज यो थारो हाथ दादीजी

आया शरण म्हे तो आज रे

म्हारे आँगन आवो स्वागत करस्या आज दादी जी

आया शरण म्हे तो आज रे

की म्हारी आख्या तरसे दर्शन दे तो आज

आया शरण म्हे तो आज रे

आया शरण म्हे तो आज रे

अटकी नईया ने थे पार लगादो आज दादी जी

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About this Bhajan

“Dadi Ji Aaya Saran” is a devotional bhajan sung by Pushpa Banerjee from the Dhandhan wali Dadi collection on Bhajan Sarovar. Listen online free on this page, or open the Bhajan Sarovar app to play it ad-free with the full devotional collection, playlists and more.

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