Ek Raat Dukhi Mai Hoke
Bhajan

Ek Raat Dukhi Mai Hoke

Raju Mehra

Ek Raat Dukhi Mai Hoke Lyrics

Synced

दादीजी को देखा धीरज मैंने खोया

लिपट गया चरणों सूँ ,फूट-फूट कर रोया

मुस्काकर हौले दादी बेटे से बोले

माँ बोली एक बर जो मेरी शरण में आया _2

हार नहीं वो सकता ,तू काहे घबराया

जिसको मैंने अपनाया ,उस पर है मेरी छाया _2

सुन बाँते दादी की भूल गया गम सारे

ऐसा लगा कि मेरा ,फिर से जनम हुआ रे

किया माँ की ओर ईशारा ,सोनू दिल से ये पुकारा _2

रोते रोते रोते

एक रात दुखी मैं होके ,सो गया था रोते-रोते

सपने में मईया आकर ,बोली यूँ गले लगाकर

मैं हूँ ना ,क्यू चिन्ता करता है ,मेरे होते क्यों डरता है _2

दादीजी को देखा धीरज मैंने खोया _2

मुस्काकर हौले ,दादी बेटे से बोले _2

माँ बोली एक बर जो ,मेरी शरण में आया

मैं हूँ ना ,क्यू चिन्ता करता है ,मेरे होते क्यों डरता है _2

सुन बाँते दादी की ,भूल गया गम सारे _2

मैं हूँ ना ,क्यू चिन्ता करता है ,मेरे होते क्यों डरता है _2

मैं हूँ ना ,क्यू चिन्ता करता है ,मेरे होते क्यों डरता है _2

मैं हूँ ना ,क्यू चिन्ता करता है ,मेरे होते क्यों डरता है

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“Ek Raat Dukhi Mai Hoke” is a devotional bhajan sung by Raju Mehra from the Dhandhan wali Dadi collection on Bhajan Sarovar. Listen online free on this page, or open the Bhajan Sarovar app to play it ad-free with the full devotional collection, playlists and more.

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