Jab Se Liya Hai
Bhajan

Jab Se Liya Hai

Raju Mehra

Jab Se Liya Hai Lyrics

Synced

इसके भरोसे अपना पूरा परिवार है इसने हजारो हमपे किये उपकार है

जिसको बचपन से मैं माँ कहता आया

उसने ही एक दिन ये मुझको बतलाया

मैं तो हूँ जननी तेरी तू भूल ना ये जाना

ढ़ाँढ़ण में रहती तेरी माँ एक और है

हाथों में रहती जिसके सबकी ही डोर है

घर के मन्दिर में एक मुरत है तेरी

उस पर पड़ती है माँ जब ये नजर मेरी

ना जाने क्यूं हरदम मुझको ऐसा लगता है

तुमसे माँ रिश्ता मेरा बहुत पुराना है

जनमो जनम से अपना मिलना मिलाना है

हमको तो मैया तेरा ही सहारा है

तुमको ही हमने सुख दुःख में पुकारा है

तेरी रहमत की छाया तू हमपे सदा रखना

सोनु नसीबो वाला मेरा परिवार है

जिसपे लुटाया तूने माँ इतना प्यार है

जब से माँ मैने लिया है जन्म कहते है मुझसे घरवाले ये हरदम

जब से माँ मैने लिया है ये जनम कहते है मुझसे घरवाले ये हरदम

ये जो ढ़ाँढ़णवाली है कुलदेवी हमारी है ये दादी हम सबकी ही पालनहारी है

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“Jab Se Liya Hai” is a devotional bhajan sung by Raju Mehra from the Dhandhan wali Dadi collection on Bhajan Sarovar. Listen online free on this page, or open the Bhajan Sarovar app to play it ad-free with the full devotional collection, playlists and more.

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