Kaise Bhulunga Dadi
Bhajan

Kaise Bhulunga Dadi

Saurabh Keshav Madhukar

Kaise Bhulunga Dadi Lyrics

Synced

तूने दिया ईज्जत से गुजारा....कैसे भूलूँगा

हर दम मेरा परिवार

माँ ऋणी रहेगा तेरा _2

दादी में तेरा उपकार

नाकामी और मायूसी ही साथी संगी थे मेरे

दर-दर भटक रहा था माँ दर-दर भटक रहा था

मैं बेबस और लाचार

हुआ हुआ हुआ हुआ हुआ आँचल किसकी भुलुगा मूरत

डूब ही जाती मेरी, मां डूब ही जाती मेरी

ये नईया तो मझधार

वोझ तेरे एहसानों का सोनू पर इतना ज्यादा , कम करने की कोशिश में ये और भी बढ़ता जाता है _2

माँ उतर ना पाये कर्जा , कभी उतर न पाये कर्जा , चाहे लु जनम हजार

ये और भी भड़ता ज्यादा है माँ उतर न पाए कर जा

कैसे भूलूँगा दादी में तेरा उपकार _2

माँ ऋणी रहेगा तेरा _2

हर दम मेरा परिवार

कैसे भूलूँगा दादी में तेरा उपकार _2

घुम रही आँखों के आगे बीते बीते कल की तस्वीरे

नाकामी और मायूसी ही साथी संगी थे मेरे

कैसे भूलूँगा दादी में तेरा उपकार _2

कभी कभी तो सोंचूं कैसे खेता टूटी नैया को

अगर नहीं बनती तुम मैया आकर मेरी खेवैया तो

कैसे भूलूँगा दादी में तेरा उपकार _2

कैसे भूलूँगा दादी में तेरा उपकार _4

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About this Bhajan

“Kaise Bhulunga Dadi” is a devotional bhajan sung by Saurabh Keshav Madhukar from the Dhandhan wali Dadi collection on Bhajan Sarovar. Listen online free on this page, or open the Bhajan Sarovar app to play it ad-free with the full devotional collection, playlists and more.

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