Kyun Ghabraye
Bhajan

Kyun Ghabraye

Vikas Sharma

Kyun Ghabraye Lyrics

Synced

मैं आत्मा तेरी ऐहसास हूँ तेरा

क्यूँ घबराये हो क्यूँ घबराये मतलब के संसार के लिए मेरे साथ

खड़ी मेरी दादी मेरे परिवार के लिए

क्यूँ घबराये मतलब के संसार के लिए क्यों घबराये मतलब के संसार

यहाँ काम कोई जो आता सौबार उसे गिनवाता हर बार सभी के

आगे ऐहसान किया है जताता

के आगे ऐहसान किया है जताता क्यूँ मन को दुखाए ऐसे दातार

के लिए क्यों मन को दुखाएं ऐसे दातार

दादी मेरे परिवाद के लिए मेरे साथ खड़ी मेरी दादी मेरे परिवार

दुःख के बादल है आते तकलीफ़ भी देना चाहते दादी को सामने

पाकर कुछ करने से घबराते

पाकर कुछ करने से घबराते सत सत प्रणाम है मैया किस उपकार

के लिए सत सत प्रणाम है मैया इस उपकार के लिए मेरे

आज को की सुख है मेले के जैसा जहाँ जमघट होता भारी

दुःख है विदाई का भोजन चाहा जड़ती भीड़ सारे

का वो जन जहाँ जड़ती भीड़ सारी विकास करे क्यों परवा ऐसे

याद के लिए विकास करे क्यों परवा ऐसे यार

दादी मेरे परिवार के लिए मेरे साथ खड़ी मेरी दादी मेरे परिवार

दुःख के बादल है आते तकलीफ़ भी देना चाहते दादी को सामने

दादी मेरे परिवार के लिए मेरे साथ खड़ी मेरी दादी मेरे परिवार

दादी मेरे परिवार के लिए मेरे साथ खड़ी मेरी दादी मेरे परिवार

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About this Bhajan

“Kyun Ghabraye” is a devotional bhajan sung by Vikas Sharma from the Dhandhan wali Dadi collection on Bhajan Sarovar. Listen online free on this page, or open the Bhajan Sarovar app to play it ad-free with the full devotional collection, playlists and more.

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