Mhari Maiya Jhunjhnuwali
Vikas Sharma
Mhari Maiya Jhunjhnuwali
Vikas Sharma
Mhari Maiya Jhunjhnuwali Lyrics
म्हारी मैया झुंझन वाली, थारी जग में शान निराली
म्हारी करियो थे रखवाली, म्हारा दादीजी, म्हारा दादीजी
दादी म्हारै धरां पधारो, तरसै कद्सै मनड़ो म्हारो
म्हानै थारो एक सहारो, म्हारा दादी जी
कद सु थारी बांट निहारां म्हारी कुटिया न बुहारां
थानै कद सु खडया पुकारां, म्हारा दादी जी
गंगाजल सु स्नान करावा, मन के आसण पर बिठावा
रोली मोली थाल सजाँवां, म्हारा दादीजी
थे तो ओढ़ो चुनड़ भारी, हाथां राचै मेंहदी न्यारी
म्हें तो करस्यां पूजा थारी, म्हारा दादीजी
थारो रूप अनोखो सोहे दादी भक्तां रो मन मोहे
जो भी देखे सुध-बुध खोवै, म्हारा दादी जी
करकै सिंह सवारी आवो, म्हानै दुर्गा रूप दिखावो
आकर रुचि-रुचि भोग लगावो म्हारा दादीजी
दादी थे हो अन्तर्यामी, थारै सै ना कुछ भी छानी
म्हे तो हां मूरख अज्ञानी, म्हारा दादी जी
पापी कितना ही थे तार्या, कारज भक्तां रा सब सार्या
क्यूं थे म्हानै ही बिसराया, म्हारा दादीजी, म्हारा
जाल जाल जाल करते हैं
म्हारा दादीजी, म्हारा दादीजी
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About this Bhajan
“Mhari Maiya Jhunjhnuwali” is a devotional bhajan sung by Vikas Sharma from the Rani Sati Dadi collection on Bhajan Sarovar. Listen online free on this page, or open the Bhajan Sarovar app to play it ad-free with the full devotional collection, playlists and more.
