Sono Sono Ke Kro Ji
Bhajan

Sono Sono Ke Kro Ji

Pawan Sharma, Naresh Sharma

Sono Sono Ke Kro Ji Lyrics

Synced

सोणो सोणो के करो जी सोणो है दरबार

सोणी सोणी मैयाजी की लेवो नजर उतार

सोणो सोणो है दरबार

सोणो-सोणो के करो कोई सोणो पूनम को चाँद

ऐ जी ऐसी सौणी माँ की बिन्दिया कर दे अमर सुहाग

सोणो सोणो के करो जी सोणो फूल गुलाब

उससे सोणो माँ को गजरो भरे हिये मे भाव

सोणो सोणो के करो जी सोणो है रंग लाल

उससे सोणी माँ की चुनड़ी करती अमर सुहाग

सोणो सोणो के करो जी सोणा मेहन्दी हाथ

ऐ जी ऐसो सोणो दादीजी को जनम जनम को साथ

वक्रितुंड महाकाय सूर्यकोटी समुप्रभे निर्विगनं कुरुमे देवे सर्वकार्य सू सर्वदा

पवन क्षीर परचाओ उससे

लेवो नजर उतार मैया की लेवो नज़र उतार

सोणी सोणी मैयाजी की लेवो नज़र उतार

सोणो-सोणो के करो जी सोणो पूनम को चाँद

उससी सौणी माँ की बिन्दिया म्हारो जगावे भाग

सोणी सोणी मैयाजी की लेवो नजर उतार

उससे सोणो मैयाजी को जनम जनम को साथ

सोणो सोणो के करो जी सोणो माँ को धाम

उससे सोणी माँ की ममता, पवन के सिर पर छाँव

लेवो नजर उतार मैया की लेवो नज़र उतार

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About this Bhajan

“Sono Sono Ke Kro Ji” is a devotional bhajan sung by Pawan Sharma, Naresh Sharma from the Dhandhan wali Dadi collection on Bhajan Sarovar. Listen online free on this page, or open the Bhajan Sarovar app to play it ad-free with the full devotional collection, playlists and more.

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