Tere Darbar Mein Maiya Khushi Milti Hai
Bhajan

Tere Darbar Mein Maiya Khushi Milti Hai

Lakhbir Singh Lakha

Tere Darbar Mein Maiya Khushi Milti Hai Lyrics

Synced

तेरी छाया में, तेरे चरणो में

मगन हो बैठु ,तेरे भक्तो में

तेरे दरबार में मैया ख़ुशी मिलती है

तेरे दरबार में…………….

एक अजब सी मस्ती ,तन मन पे छाती है _2

हर एक जुबा तेरे ,ओ मैया गीत गाती है

बजते सितारों से ,मीठी पुकारो से_2

गूंजे जहां सारा तेरे ,उचे जय करो से

मस्ती में झूमें ,तेरा दर चूमे

तेरे चारों तरफ ,दुनिया ये घूमे

ऐसी मस्ती भी, भला क्या कहीं मिलती है _2

तेरे दरबार में

ओ मेरी शेरों वाली मां , तेरी हर बात अच्छी है _2

करनी की पूरी है ,माता मेरी सच्ची है

सुख दुःख बताती है ,अपना बनाती है _2

मुश्किल में हो बच्चे तो , माँ ही काम आती है

रक्षा करती है ,भक्त अपने की

बात सच्ची करती ,उनके सपनों की

सारी दुनिया की दौलत यही मिलती है

रोता हुआ आये जो ,हसता हुआ जाता है _2

मन की मुरादों को वो पता हुआ जाता है

किस्मत के मारों को ,रोगी बीमारो को_2

कर दे भला चंगा , मेरी माँ अपने दुलारों को

पाप कट जाये ,चरण छूने से

महकती है दुनिया मां के छूने से

फिर तो माँ ऐसी , कभी क्या, कहीं मिलती है _2

जिंदगी मिलती है रोतो को हंसी मिलती है

तेरे दरबार में मैया ,ख़ुशी मिलती है _2

जिंदगी मिलती है ,रोतों को हसी मिलती है

तेरे दरबार में मैया ,ख़ुशी मिलती है _6

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