Unke Ghar Beti
Bhajan

Unke Ghar Beti

Raju Mehra

Unke Ghar Beti Lyrics

Synced

माँ मैं तकदीर का मारा हूँ

उनके घर बेटी है जिस पर दादी की किरपा होता है

दादी ने किया है निहाल मुझे दी मुझको दो दो बैटी है

यु दो संतान कोई भी हो माँबाप को लगती प्यारी है

पर बेटियों की घर आँगन मैं रौनक ही होती न्यारी है

छम छम पायल छनकाती है जब परियों सी घर मैं डोले

होठों से फूल बरसते हैं मुस्काती जब हौले हौले

बेटिया क्या घर मैं आई हैं मेरे तो दिन ही बदल गए

उनकी किस्मत से मेरे जो बिगड़े नसीब ये सबर गए

बैटी गर छुले मिट्टी को तो वो सोना बन जाती है,

मैं सुखी रहूँ खुशहाल रहूँ ये हर पल खेर मनाती है

उनके घर बेटी है जिस पर दादी की किरपा होता है

दादी ने किया है निहाल मुझे दी मुझको दो दो बैटी है

माँबाप के दिल के टुकड़े को जब लोग पराया कहते है

दिल भर भर आता है मेरा आखों से आसु बहते हैं

सोनू मांगू ये दादी से पीहर जैसा ससुराल रहे

ये रहे जहाँ पर भी इनका जीवन हर दम खुश हाल रहे

उनके घर बेटी है जिस पर दादी की किरपा होता है _2

दादी ने किया है निहाल मुझे दी मुझको दो दो बैटी है

उनके घर बेटी है जिस पर

उनके घर बेटी है जिस पर दादी की किरपा होता है

उनके घर बेटी है जिस पर

दादी ने किया है निहाल मुझे दी मुझको दो दो बैटी है

दादी ने किया है निहाल मुझे दी मुझको दो दो बैटी है

दादी ने किया है निहाल मुझे दी मुझको दो दो बैटी है

उनके घर बेटी है जिस पर दादी की किरपा होता है

उनके घर बेटी है जिस पर

उनके घर बेटी है जिस पर _2 दादी की किरपा होता है _2

उनके घर बेटी है जिस पर

Play this bhajan and the words will follow along, line by line.

Browse all bhajan lyrics →

About this Bhajan

“Unke Ghar Beti” is a devotional bhajan sung by Raju Mehra from the Dhandhan wali Dadi collection on Bhajan Sarovar. Listen online free on this page, or open the Bhajan Sarovar app to play it ad-free with the full devotional collection, playlists and more.

More Bhajans by Raju Mehra

More Dhandhan wali Dadi

Browse all Dhandhan wali Dadi →