Na Jaane Maa Kab
Bhajan

Na Jaane Maa Kab

Raju Mehra

Na Jaane Maa Kab Lyrics

Synced

श्याम बुलाया लख बार, तेरी मूर्ति नही बोलती

बुलाया कई बार ,माँ बुलाया लख बार

जबसे होश संभाला देखि, है तस्वीर तुम्हारी

या तो निकल आओ मूर्ति से, या कर दो इनकार _2

कैसी कुल देवी तू मेरी , कैसा तेरा दरबार _2

कैसा तेरा दरबार, तेरी मूर्ति नहीं बोलती, बुलाया कई बार

क्या तस्वीर लिए बैठे हो, ये सब है बेकार

साधारण ये मूर्ति नहीं है, कहे ‘पवन’ बतला दो

आज भरे दरबार मैया चमत्कार दिखला दो

मूर्ति से बाहर आ जाओ, कम से कम एक बार _2

ना जाने तुम कब बोलोगी, मैं तो गया हूँ हार _2

तेरी मूर्ति नहीं बोलती, बुलाया कई बार _2

घर वालो ने बतलाया, कुल देवी यही हमारी

तेरी मूर्ति नहीं बोलती

तेरी मूर्ति नहीं बोलती

मूर्ति में ही क्यों रहती तू

कैसा है सरकार तू मेरा

घर वालो से पूछा, मेरी बात का उत्तर देना नहीं किसी को सुझा,

तेरी मूर्ति नहीं बोलती

और तो और मेरे बच्चे जब मुझसे ये पूछेंगे

क्या जवाब दूंगा ,मुझपे सारे के सारे हसेंगे

क्या तस्वीर लिए बैठे हो, ये सब है बेकार _2

तेरी मूर्ति नहीं बोलती

आज भरे दरबार मैया चमत्कार दिखला दो

तेरी मूर्ति नहीं बोलती, बुलाया कई बार _2

तेरी मूर्ति नहीं बोलती, बुलाया कई बार _4

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“Na Jaane Maa Kab” is a devotional bhajan sung by Raju Mehra from the Dhandhan wali Dadi collection on Bhajan Sarovar. Listen online free on this page, or open the Bhajan Sarovar app to play it ad-free with the full devotional collection, playlists and more.

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