Sankh Baze
Bhajan

Sankh Baze

Vijay Soni

Sankh Baze Lyrics

Synced

नीले नभ पर चांद और सितारे _2

सहमे हुए है लाज के मारे....मैया सुख दायिनी ,देखो रुनक झुनक घर आई रे

मणियों का है मुकुट सुशोभित, जगमग जगमग जग है आलौकिक _2

चमचम चमके माँ की चुनड़िया ,छमछम छमछम बाजे पायलिया _2

सपनों का मधुमास खिले माँ ,अरमानों का दीप जले माँ _2

धूम मची है तीनों भुवन में , साँसों की है खुशबू पवन में ,रिद्धि सिद्धि सुख दायिनी ,देखो रुनक झुनक घर आई रे

ओ ओ ओ ओ, शंख बजे शहनाई रे ,मैया वरदायिनी ,देखो रुनक झुनक घर आई रे _2

किरणों के रथ पे, करके सवारी ,निकली है सज के मैया हमारी _2

ओ ओ ओ ओ, शंख बजे शहनाई रे ,मैया वरदायिनी ,देखो रुनक झुनक घर आई रे

मुक्त खुले कुण्डल कजरारे _2

कोमल कुसुम कपोल दुलारे.. मैया वरदायिनी देखो रुनक झुनक घर आई रे

प्रीत सुधा रसधार बहा दो.. सुख संपत्ति दायिनी,देखो रुनक झुनक घर आई रे

दुर तिमिर की छाया भगा दो _2

ओ ओ ओ ओ, शंख बजे शहनाई रे ,मैया वरदायिनी ,देखो रुनक झुनक घर आई रे _2

ओ ओ ओ ओ, शंख बजे शहनाई रे

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About this Bhajan

“Sankh Baze” is a devotional bhajan sung by Vijay Soni from the Dhandhan wali Dadi collection on Bhajan Sarovar. Listen online free on this page, or open the Bhajan Sarovar app to play it ad-free with the full devotional collection, playlists and more.

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