Sarvsukhdayani Maiya
Bhajan

Sarvsukhdayani Maiya

Raju Mehra

Sarvsukhdayani Maiya Lyrics

Synced

सर्व सुख दायिनी, मईया वर दायिनी

है माँ नारायणी, तू ही जग तारिणी

तेरे चरणों से करना कभी ना जुदा

सर्व सुख

रूप मन मोहना, मुख है चन्द्रमा

तेरे आँचल में ममता का सागर घना

तू सुहागन के सर, हाथ धर दे अगर

तो सुहागन का सिन्दूर होता अमर

मेरा अरमान है, मुझे वरदान दे

तेरी चौखट पे निकले मेरे प्राण ये

''सोनू'' सुमिरन करे, सदा वन्दन करे

तेरी सेवा में जीवन ये अर्पन करे

सर्व सुख दायिनी, मईया वर दायिनी

है माँ नारायणी, तू ही जग तारिणी,है माँ नारायणी, तू ही जग तारिणी

सर्व सुख दायिनी, मईया वर दायिनी,सर्व सुख दायिनी, मईया वर दायिनी

हे भवानी सदा तेरी रखना कृपा

तेरे चरणों से करना कभी ना जुदा,तेरे चरणों से करना कभी ना जुदा

तेरे आँचल में ममता का सागर घना,तेरे आँचल में ममता का सागर घना

तो सुहागन का सिन्दूर होता अमर,तो सुहागन का सिन्दूर होता अमर

तेरी चौखट पे निकले मेरे प्राण ये,तेरी चौखट पे निकले मेरे प्राण ये

तेरी सेवा में जीवन ये अर्पन करे,तेरी सेवा में जीवन ये अर्पन करे

है माँ नारायणी, तू ही जग तारिणी

Play this bhajan and the words will follow along, line by line.

Browse all bhajan lyrics →

About this Bhajan

“Sarvsukhdayani Maiya” is a devotional bhajan sung by Raju Mehra from the Dhandhan wali Dadi collection on Bhajan Sarovar. Listen online free on this page, or open the Bhajan Sarovar app to play it ad-free with the full devotional collection, playlists and more.

More Bhajans by Raju Mehra

More Dhandhan wali Dadi

Browse all Dhandhan wali Dadi →